बालासाहब जी ,
पाठलागूं।
हम बिहारी राजनीति को लेकर काफी इमोशनल होते हैं और मैं à¤à¥€ कà¥à¤› अलग नहीं हूं। इसलिठजिस उमà¥à¤° में बड़े-बड़े शहरों के बचà¥à¤šà¥‡ फिलà¥à¤® और कारà¥à¤Ÿà¥‚न से मनोरंजन करते रहे होंगे , मैं नेताओं के बयानों और उनके मायने ढूंढ़ने में उलà¤à¤¾ रहता था कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मà¥à¤à¥‡ लगता था कि नेता ही देश का à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ हैं। राजनीति के साथ पà¥à¤°à¥‡à¤® परवान चढ़ने के दौर में आप कब मेरे नायक बने , मà¥à¤à¥‡ खà¥à¤¦ à¤à¥€ नहीं पता चला। अबोध मन में आपके लिठइतनी इज़à¥à¤œà¤¼à¤¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ थी , आज की तारीख में ठीक-ठीक बताना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है। लेकिन शायद इसकी वजह यह रही होगी कि जिस दौर में मैं राजनीति समठरहा था उस दौर में आप मà¥à¤à¥‡ देश और हिंदू समाज के नायक लगते थे।
जैसे-जैसे राजनीति , देश , समाज और वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की समठबढ़ती गई , आप लगातार नायक से खलनायक के पाले में जाते दिखाई दिà¤à¥¤ पहले आप देश को हिंदू और मà¥à¤¸à¤²à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ में बांटने की राजनीति कर रहे थे और मैं हिंदू होने के कारण आपके साथ था। लेकिन फिर आप हिंदà¥à¤“ं को à¤à¥€ मराठी-गैरमराठी में बांटने लगे और मà¥à¤à¥‡ लगा कि न तो आपको हिंदà¥à¤“ं से कोई लेना-देना है न ही हिंदà¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से। आज मà¥à¤à¥‡ समठमें आ रहा है कि आपको सिरà¥à¤« अपने वोट बैंक से मतलब है और उसके लिठआप किसी को à¤à¥€ विलेन बता सकते हैं - चाहे वह आपका à¤à¤¤à¥€à¤œà¤¾ ही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो !
आज जब मैं पहले की तरह बचà¥à¤šà¤¾ नहीं रहा तो मैं यह à¤à¥€ सोचता हूं कि कोई à¤à¤¸à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ किसी राषà¥à¤Ÿà¥à¤° या समाज का नायक कैसे हो सकता है , जो उसको कई हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में तोड़ने की सियासत कर रहा हो। हालांकि , यह पहली बार नहीं है जब आप और आपकी पारà¥à¤Ÿà¥€ ने à¤à¥Œà¤—ोलिक आधार पर देश के किसी खास हिसà¥à¤¸à¥‡ के लोगों को निशाना बनाया हो। लेकिन इस बार बात दूर तलक निकल पड़ी है।
आप मानते हैं कि à¤à¤• बिहारी , सौ बीमारी। वैसे यह विचार आपके अकेले के नहीं हैं। बिहारी शबà¥à¤¦ देश के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में हिकारत का à¤à¤¾à¤µ दिखाने का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• बन गया है। हालांकि , आज सिरà¥à¤« वही बिहारी नहीं हैं जिनकी जड़ें बिहार में हैं। दिलà¥à¤²à¥€ और मà¥à¤‚बई में मजदूर , कारीगर , मूंगफलीवाला , गà¥à¤¬à¥à¤¬à¤¾à¤°à¥‡à¤µà¤¾à¤²à¤¾ और वे सब बिहारी हैं जिनकी समाज में कोई ‘ हैसियत ‘ नहीं है।
आपका और आपके à¤à¤¤à¥€à¤œà¥‡ राज ठाकरे का आरोप है कि बिहार और पूरà¥à¤µà¥€ यूपी के लोग मà¥à¤‚बई में रहकर मराठी संसà¥à¤•ृति पर हमला बोल रहे हैं। ठाकरे जी , आपने कà¤à¥€ गणेश चतà¥à¤°à¥à¤¥à¥€ पर मà¥à¤‚बई के पूजा मंडपों में जमा होनेवाली à¤à¥€à¤¡à¤¼ में शामिल यूपी और बिहार के लोगों की गिनती की होती तो आपको पता चलता कि आपका आरोप कितना गलत हैं। जैसे कलकतà¥à¤¤à¤¾ में रहनेवाला हिंदीà¤à¤¾à¤·à¥€ दà¥à¤°à¥à¤—ा पूजा में सारे परिवार के साथ पंडाल-पंडाल घूमते हैं , वैसे ही हम à¤à¥€ जहां रहते हैं , वहां के तीज-तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ से खà¥à¤¦ को कैसे अलग कर सकते हैं !
लेकिन इसके साथ यह à¤à¥€ सच है कि हम अपनी संसà¥à¤•ृति से à¤à¥€ उतना ही पà¥à¤¯à¤¾à¤° करते हैं और हम उसे à¤à¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ à¤à¥€ नहीं चाहते। इसीलिठजब छठपूजा होती है तो हम उसे à¤à¥€ पूरी निषà¥à¤ ा के साथ मनाते हैं। आपको और आपके à¤à¤¤à¥€à¤œà¥‡ को इस पर à¤à¤¤à¤°à¤¾à¤œ है जो कि मà¥à¤à¥‡ समठमें नहीं आता। ठाकरे जी , अगर आप अमेरिका चले जाà¤à¤‚ तो कà¥à¤¯à¤¾ आप वहां गणेश चतà¥à¤°à¥à¤¥à¥€ के दिन उतà¥à¤¸à¤µ नहीं मनाà¤à¤‚गे ? अगर आप और आपकी ही तरह सारे मराठी महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° से बाहर à¤à¤¾à¤°à¤¤ में और विदेश में कहीं à¤à¥€ अपने परà¥à¤µ और तà¥à¤¯à¥‹à¤¹à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ को धूमधाम से मना सकते हैं ( और मनाना à¤à¥€ चाहिठ) तो बाकी लोगों पर पाबंदी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ? अगर आपके ही तरà¥à¤• मान लिठजाà¤à¤‚ तो फिर मराठियों को à¤à¥€ राजà¥à¤¯ से बाहर गणेश चतà¥à¤°à¥à¤¥à¥€ नहीं मनानी चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¤¾ ठाकरे जी , आप à¤à¥€ कैसी बात करते हैं , वह à¤à¥€ उस देश में जिसका मिजाज़ यही है कि आप छठपूजा में शरीक हों और हम गणपति बपà¥à¤ªà¤¾ मोरया के नारे लगाà¤à¤‚। हम ईद में शरीक हों और हमारे मà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤® à¤à¤¾à¤ˆ दीवाली में। यह à¤à¤¸à¤¾ देश है जहां हिंदू घरों में à¤à¥€ कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¤®à¤¸ पर केक खाया जाता है।
बालासाहब जी , हम मानते हैं कि हमारे नेता करपà¥à¤Ÿ हैं। लेकिन करपà¥à¤Ÿ नेता कहां नहीं हैं ? अगर अनà¥à¤¨à¤¾ हज़ारे से पूछें तो शायद वह à¤à¤• लंबी लिसà¥à¤Ÿ निकाल देंगे महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° के à¤à¤¸à¥‡ नेताओं की। आप à¤à¥€ कांगà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥€ नेताओं पर à¤à¥à¤°à¤·à¥à¤Ÿ होने के आरोप लगाते रहते हैं। वैसे à¤à¥€ आप राजनीति में लंबे समय से है , आपको कà¥à¤¯à¤¾ बताना कि इस हमाम में सà¤à¥€ नंगे हैं। रही बात जहालत की और समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की तो गरीबी और अनà¥à¤¯à¤¾à¤¯ अगर बिहार में है तो कà¥à¤¯à¤¾ महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤° में नहीं ? आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾ कहां के किसान कर रहे हैं ? कà¥à¤¯à¤¾ उनकी आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठà¤à¥€ बिहारी ही दोषी हैं ?
मैं बिहार की वकालत नहीं कर रहा। बिहार में समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं। वे सà¥à¤²à¤à¥‡à¤‚गी या नहीं या कितनी जलà¥à¤¦à¥€ या देर से सà¥à¤²à¤à¥‡à¤‚गी , यह कहना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है। पूंजी निवेश , उदà¥à¤¯à¥‹à¤— , बाज़ार और रोज़गार के मौके मिलेंगे तो यही बिहार चमचमा जाà¤à¤—ा और सारे पूरà¥à¤µà¤¾à¤—à¥à¤°à¤¹ खतà¥à¤® हो जाà¤à¤‚गे। जब देश के दूसरे हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ के लोग मोटी तनखà¥à¤µà¤¾à¤¹ पर कॉरपोरेट नौकरी के लिठबिहार जाà¤à¤‚गे तो सच मानिठ, बिहार और बिहारी उतने बà¥à¤°à¥‡ नहीं लगेंगे।
आपका
पà¥à¤°à¤à¤¾à¤· à¤à¤¾
