Hindi Jokes
Written by admin on October 30th, 2007 in Jokes.
देखन में छोटे लगें …
बस के गेट पर लटके हà¥à¤ मà¥à¤¸à¤¾à¤«à¤¿à¤°à¥‹à¤‚ से कंडकà¥à¤Ÿà¤° ने कहा : à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¥‹, अंदर हो जाओ। इस तरह गेट पर लटकना आपकी जान के लिठखतरनाक है। लेकिन जब कोई à¤à¥€ अंदर न हà¥à¤† तो कंडकà¥à¤Ÿà¤° गà¥à¤¸à¥à¤¸à¥‡ में बोला : तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ पतà¥à¤¨à¥€ की कसम अंदर हो जाओ! इतना सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ था कि जो मà¥à¤¸à¤¾à¤«à¤¿à¤° सीटों पर बैठे थे वे à¤à¥€ गेट पर आकर लटक गà¤à¥¤
à¤à¤• आलसी से मितà¥à¤° ने कहा : सà¥à¤¨à¤¾ है, तà¥à¤® फौज में à¤à¤°à¤¤à¥€ हो रहे हो ?
आलसी : अरे नहीं, मà¥à¤à¥‡ तो यह à¤à¥€ पता नहीं कि बंदूक का मà¥à¤‚ह किधर रखकर चलाते हैं।
मितà¥à¤° : इसमें कà¥à¤¯à¤¾ है ? तà¥à¤® बंदूक का मà¥à¤‚ह किधर à¤à¥€ रखकर चलाओ, देश का à¤à¤²à¤¾ ही करोगे।
संता : यार मेरे 5 साल के बेटे ने मेरी सारी कविताà¤à¤‚ फाड़ डाली।
बंता : बधाई हो, इतनी कम उमà¥à¤° में तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¤¾ बेटा साहितà¥à¤¯ का पारखी बन गया है।
फिलà¥à¤® अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¤¾à¤“ं के दो बचà¥à¤šà¥‡ आपस में बात कर रहे थे।
पहला : पता है, कल रात मेरे पापा मेरे लिठà¤à¤• नई ममà¥à¤®à¥€ लेकर आà¤à¥¤ वो बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ है।
दूसरा : जानता हूं। पिछले साल वो मेरी ममà¥à¤®à¥€ रह चà¥à¤•ी है।
सास, बहू से - बहू, तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाहर कहीं à¤à¥€ जाते समय हमेशा घूंघट कर लेना चाहिà¤à¥¤ तà¥à¤® तो जवान हो, मà¥à¤à¥‡ देखो मैं तो बूà¥à¥€ होकर à¤à¥€ गैर मरà¥à¤¦à¥‹à¤‚ के सामने घूंघट करती हूं।
आधà¥à¤¨à¤¿à¤• बहू : ठीक है सासूजी, मैं à¤à¥€ जब आप की उमà¥à¤° की होऊंगी तो चेहरे की à¤à¥à¤°à¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को छà¥à¤ªà¤¾à¤¨à¥‡ के लिठघूंघट जरूर किया करूंगी।
तीन कैदी जेल में बैठकर अपने-अपने अनà¥à¤à¤µ बता रहे थे।
पहला : मैं पिछले चà¥à¤¨à¤¾à¤µ में à¤à¤• राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ दल के उमà¥à¤®à¥€à¤¦à¤µà¤¾à¤° सखाराम का जोरदार समरà¥à¤¥à¤¨ करने के जà¥à¤°à¥à¤® में यहां हूं।
दूसरा : और मैं उसी सखाराम का विरोध करने के कारण जेल की हवा खा रहा हूं।
तीसरा : बहà¥à¤¤ खूब, और सखाराम मैं खà¥à¤¦ हूं।
राम : कà¥à¤¯à¤¾ आप ने ही कल मेरे लड़के को डूबने से बचाया था ?
शà¥à¤¯à¤¾à¤® : हां, मगर अब उस बारे में मेरी तारीफ करके मà¥à¤à¥‡ शरà¥à¤®à¤¿à¤¨à¥à¤¦à¤¾ मत कीजिये ।
राम : अजी करूं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं ? बताइये उस लड़के की टोपी कहां है ?
पहली : मैंने फैसला कर लिया है कि जब तक 25 वरà¥à¤· की नहीं हो जाऊंगी, शादी नहीं करूंगी।
दूसरी : और मैंने फैसला कर लिया है कि जब तक शादी न कर लूं, 25 वरà¥à¤· की होऊंगी ही नहीं।
पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ : औरतें अपने दिमाग की अपेकà¥à¤·à¤¾ अपने रूप पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ देती हैं ?
उतà¥à¤¤à¤° : कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मरà¥à¤¦ चाहे जितना ही बेवकूफ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो, अनà¥à¤§à¤¾ नहीं होता।
à¤à¤• महिला : बहन, यह बात गà¥à¤ªà¥à¤¤ ही रखना।
दूसरी महिला : हां हां, मैं तो गà¥à¤ªà¥à¤¤ ही रखूंगी पर जिनसे मैं यह बात कहूंगी शायद वे उसे गà¥à¤ªà¥à¤¤ नही रख सकेंगी।
नारी उधà¥à¤¦à¤¾à¤°à¤• नेता : सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ को अबला कहना सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का अपमान है।
शà¥à¤°à¥‹à¤¤à¤¾ : तो आप à¤à¤• बार बला कहकर देख लीजिये।
डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¤° : पेटà¥à¤°à¥‹à¤² खतà¥à¤® हो गई सेठजी! अब गाड़ी आगे नही जा पायेगी।
सेठजी : तो पीछे लौटाकर घर ले चलो।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° (बेहोश मरीज को देखकर) : यह तो मर गया है।
मरीज (होश में आकर) : मैं तो जीवित हूं।
मरीज की पतà¥à¤¨à¥€ (मरीज पति से) : कà¥à¤› तो सोच समà¤à¤•र बोला कीजिये। इतने बड़े डॉकà¥à¤Ÿà¤° हैं, à¤à¥‚ठबोलेंगे कà¥à¤¯à¤¾ ?
साहूकार : तà¥à¤®à¤¨à¥‡ अपने करà¥à¤œ के रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ अà¤à¥€ तक नहीं चà¥à¤•ाये। चलो बीच में मामला तय हो जाये। तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥‡ करà¥à¤œ का आधा à¤à¤¾à¤— मैं à¤à¥‚लने को तैयार हूं।
करà¥à¤œà¤¦à¤¾à¤° : मंजूर ! बाकी आधा à¤à¤¾à¤— मैं à¤à¥‚लने को तैयार हूं।
à¤à¤• à¤à¤¿à¤–ारी को à¤à¤• दिन कà¥à¤› नहीं मिला। दà¥à¤† करने लगा, ”या अलà¥à¤²à¤¾à¤¹, अगर मà¥à¤à¥‡ à¤à¤• रूपया मिल जाये तो आठआने तेरे।” आगे चलकर उसे à¤à¤• अठनà¥à¤¨à¥€ मिली। उठाकर बोला, ”अलà¥à¤²à¤¾à¤¹ मियां ! हो बड़े सयाने! आठआने पहले की काट लिये।”
अà¤à¤¿à¤¨à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥€ : अपनी समाधि पर मैं कà¥à¤¯à¤¾ लेख लिखवाऊं ।
सहेली : ”आखिर यह अकेली सो रही है।”
डॉकà¥à¤Ÿà¤° : आपको शराब छोड़नी होगी वरना आंखों से हाथ धो बैठोगे।
रोगी : अब तो मैं बूà¥à¤¾ हो गया हूं, डॉकà¥à¤Ÿà¤° साहब। मैंने सब कà¥à¤› देख लिया है।
चिकितà¥à¤¸à¤• : इस दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में चिकितà¥à¤¸à¤•ों के दà¥à¤¶à¥à¤®à¤¨ बहà¥à¤¤ कम हैं।
रोगी : मगर उस दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में बहà¥à¤¤ हैं।
राम : यार, तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ बीबी तो बहà¥à¤¤ ही नाटी है!
शà¥à¤¯à¤¾à¤® : à¤à¤¾à¤ˆ, बला जितनी छोटी हो उतनी ही अचà¥à¤›à¥€ !
यà¥à¤µà¤• : सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ धोखा है !
यà¥à¤µà¤¤à¥€ : और आदमी किसी न किसी धोखे में पड़ता ही रहता है।
लड़की : मà¥à¤à¥‡ शक है कि शà¥à¤¯à¤¾à¤® मà¥à¤à¥‡ पà¥à¤¯à¤¾à¤° करता है ।
सहेली : जरूर करता है पà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥€, वह तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ ही अपवाद कà¥à¤¯à¥‚ं बनायेगा ?
”आज शाम तक अगर पचास हजार रूपयों का इनà¥à¤¤à¤œà¤¾à¤® नहीं हà¥à¤† तो बेइजà¥à¤œà¤¤à¥€ से बचने के लिये मà¥à¤à¥‡ जहर पी लेना पड़ेगा! कà¥à¤¯à¤¾ तू मेरी मदद कर सकता है दोसà¥à¤¤ ?”
”कà¥à¤¯à¤¾ करूं ? मेरे पास तो à¤à¤• बूंद à¤à¥€ नहीं है!”
”आ जाओ आ जाओ। कà¥à¤¤à¥à¤¤à¥‡ से डरो नहीं।”
”कà¥à¤¯à¥‹à¤‚, कà¥à¤¯à¤¾ यह काटता नहीं ?”
”यही तो मैं देखना चाहता हूं - आज ही खरीद कर लाया हूं न!”
जज : इतना मामूली à¤à¤—ड़ा तà¥à¤® कोरà¥à¤Ÿ के बाहर à¤à¥€ निपटा सकते थे ।
आरोपियों में से à¤à¤• : हम कोरà¥à¤Ÿ के बाहर ही निपटा रहे थे कि पà¥à¤²à¤¿à¤¸ हमें à¤à¤—ड़ा करने के इलजाम में यहां पकड़ लाई।
