Banta - Most famous person in the world
Written by admin on October 13th, 2007 in Fun, Jokes, Santa Banta.
दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का सबसे पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿
संता और बंता à¤à¤• होटल में खाना खाने गये। संता ने आरà¥à¤¡à¤° दिया और बैरे ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाना लाकर दिया। जैसे ही बैरे ने बंता को देखा वह आ6चरà¥à¤¯ से बोला - अरे बंताजी आप । फिर वह होटल में मौजूद अनà¥à¤¯ लोगों से बोला - अरे देखो आज हमारे होटल में बंताजी खाना खाने आये हैं। होटल का मैनेजर à¤à¥€ बंता को देखकर बहà¥à¤¤ खà¥6ा हà¥à¤† और उसने बंता से हाथ मिलाया। -तà¥à¤® तो काफी म6ाहूर हो । संता ने खाना खाते खाते बंता के कान में फà¥à¤¸à¤«à¥à¤¸à¤¾à¤¯à¤¾à¥¤ - मैं दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का सबसे पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ आदमी हूं। बंता ने बताया । - नहीं यार । अब इतने à¤à¥€ मत बनो । ये कà¥à¤› लोग तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ जानते हैं इसका मतलब यह नहीं कि तà¥à¤® दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सबसे पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हो। संता ने कहा । - हां ये सच है। तà¥à¤® सिरà¥à¤« नाम बताओ । à¤à¤¸à¤¾ कौन है जो मà¥à¤à¥‡ नहीं जानता हो। बंता ने जवाब दिया। - अचà¥à¤›à¤¾ । मैं दस हजार की शरà¥à¤¤ लगाता हूं कि मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ नहीं जानता होगा । संता ने कहा । - ठीक है चलो । बंता ने कहा और अगले ही दिन वे राजधानी पहà¥à¤‚च गये। वहां पहà¥à¤‚चने पर संता ने देखा कि मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ ने बंता को देखते ही पहचान लिया और गले लगाया। फिर दो दिन मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ के घर मेहमाननवाजी करने के बाद वे घर लौट आये। - मैंने कहा था न कि मैं दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ का सबसे पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ आदमी हूं। अब तो मानते हो। - नहीं । हिनà¥à¤¦à¥à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤¨ का पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ बिलकà¥à¤² नहीं जानता होगा । अगर वह जानता हो तो मैं दà¥à¤—ने पैसे दूंगा। अगले ही दिन वे दिलà¥à¤²à¥€ में थे। पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ बड़ी बेतकलà¥à¤²à¥à¤«à¥€ से बंता से मिले । बोले - -कहां रहते हो बंता यार । तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ देखे हà¥à¤¯à¥‡ तो जमाना बीत गया। फिर तीन दिनों तक पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ के साथ गोलà¥à¤« खेलकर वे घर लौट आये। संता हैरान था पर हार मानने को तैयार नहीं था। - मैं à¤à¤• à¤à¤• लाख रूपये देने को तैयार हूं अगर अमिताठबचà¥à¤šà¤¨ तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ पहचान ले तो। - ठीक है । जैसी तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤°à¥€ मरà¥à¤œà¥€ । अगले दिन वे मà¥à¤®à¥à¤¬à¤ˆ में अमिताठबचà¥à¤šà¤¨ के घर पहà¥à¤‚चे। बंता ने संता से बाहर लॉन में खड़े रहने को कहा और खà¥à¤¦ अंदर चला गया। थोड़ी देर बाद संता ने देखा कि अमिताठबचà¥à¤šà¤¨ और बंता बाहों में बाहें डाले बालकनी में आ रहे हैं। बंता ने संता की ओर देखा और हाथ हिलाया। इसके बाद संता बेहो6ा होकर गिर पड़ा। बंता दौड़कर नीचे आया और पानी के छींटे देकर संता को हो6ा में लाने की को6ाि6ा करने लगा। - संता, संता तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤† ? उठो। संता ने धीरे से आंखें खोलीं और कहा - बंता तà¥à¤® सचमà¥à¤š दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ के सबसे पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ आदमी हो। - मैंने तà¥à¤®à¤¸à¥‡ कहा था न पर तà¥à¤® ही नहीं मानते थे। खैर ये बताओ कि जब मैं तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ मà¥à¤–à¥à¤¯à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ के घर ले गया तब तà¥à¤® बेहो6ा नहीं हà¥à¤¯à¥‡, पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ के घर ले गया तब तà¥à¤®à¥à¤¹à¥‡à¤‚ कà¥à¤› नहीं हà¥à¤† फिर अब à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤† कि तà¥à¤® गिर पड़े। संता ने धीरे से बताया - जब तà¥à¤® ऊपर अमिताठबचà¥à¤šà¤¨ के साथ बालकनी में खड़े थे तो à¤à¤• आदमी जो मेरे बगल में खड़ा था उसने मà¥à¤à¤¸à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ कहा जानते हो ? कà¥à¤¯à¤¾ कहा ? - बंता ने पूछा उसने कहा - संता ने बताया - वह कौन है जो बंता जी के साथ ऊपर बालकनी में खड़ा है।
