NewS Headlines

इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। लोग अमूमन इस दिन तक रिटर्न फॉर्म भर कर जमा करा देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि 31 जुलाई तक फॉर्म न जमा कराने पर क्या होगा।

अगर आपने वित्तवर्ष 2007-08 में अपनी इनकम पर टैक्स पूरी तरह से चुकता कर रखा है, तब आप 31 मार्च 2009 तक टैक्स रिटर्न बिना कोई पेनल्टी या ब्याज दिए जमा कर सकते हैं।

अगर टैक्स नहीं चुकाया गया है तो तब बकाया टैक्स पर ब्याज की गणना सेक्शन 234ए के तहत की जाएगी। इसके तहत टैक्स चुकाने और रिटर्न भरने में देरी के लिए एक फीसदी प्रतिमाह की दर से ब्याज लिया जाएगा। इसे 31 जुलाई से टैक्स जमा कराए जाने और रिटर्न भरे जाने की तारीख तक गिना जाएगा। यह ब्याज पर अन्य पेनल्टी से अलग होगा, जो सेक्शन 234 बी के तहत अडवांस टैक्स के भुगतान में डिफॉल्ट पर लागू होगा। इसके अलावा सेक्शन 234 सी के तहत अडवांस टैक्स टालने पर भी बकाया टैक्स पर गणना की जाएगी।

जो लोग वित्तवर्ष 2007-08 में बिज़नस इनकम या कैपिटल गेंस के मद में नुकसान का ऐलान कर रिटर्न भरना चाहते हैं, उन्हें 31 जुलाई से पहले रिटर्न फाइल करनी होगी। इससे वे नुकसान को अगले वित्तवर्ष में जोड़ सकेंगे, जब इनकम के मद में नुकसान की भरपाई की जा सकेगी। अगर रिटर्न 31 जुलाई के एक दिन बाद भी भरा गया है तो नुकसान को अगले साल गिनने का लाभ खत्म हो जाएगा।

अब अगर टैक्स रिटर्न 31 मार्च 2009 तक भी न भरा गया तो क्या होगा? इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 271 एफ के तहत दंड का प्रावधान है। इसके तहत असेसिंग अफसर 5,000 रुपये की पेनल्टी उन लोगों पर लगा सकता है, जिन्हें सेक्शन 139 (1) के तहत रिटर्न भरना जरूरी है। यह पेनल्टी इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 234-ए, 234-बी और 234-सी के तहत लगने वाला इंटरेस्ट पेनल्टी से अलग होगी।

ऐसे में अच्छा यह होगा कि वित्त वर्ष 2007-08 के लिए 31 जुलाई या इससे पहल इनकम टैक्स रिटर्न भर दिया जाए। अगर आपके टैक्स रिटर्न की प्रोसेसिंग हुई तो मुमकिन है कि इनकम टैक्स डिपार्टमंट आपसे और टैक्स की मांग करे। अगर आपने समय से टैक्स रिटर्न फाइल कर रखा होगा तो उस टैक्स पर सेक्शन 234ए के तहत इंटरेस्ट पेनल्टी नहीं लगेगी। आखिरी समय पर रिटर्न जमा करानेवालों की भीड़ ज्यादा होती है, ऐसे में आप टैक्स रिटर्न की ई-फाइलिंग भी कर सकते हैं। इसका अकनॉलेजमेंट आप 15 दिन बाद तक जमा कर सकते हैं, जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में कोई भीड़ नहीं होगी। ई-फाइलिंग की खास बात यह है कि आप ऑनलाइन रिटर्न 31 जुलाई की मध्यरात्रि तक भर सकते हैं। लोग अपने एम्प्लॉयर से टैक्स सर्टिफिकेट अगर अप्रैल के अंत तक पा भी लें तो अन्य स्त्रोतों से टैक्स सर्टिफिकेट जुटाने में देरी हो जाती है। जुलाई पहले हफ्ते के बाद ही रिटर्न भरने के बारे में सोचा जाता है। ऐसे में अंतिम दिनों की भीड़ से बचने के लिए ई-फाइलिंग अच्छा उपाय है।

 




Leave a Reply



Related Posts

Investment



Site Navigation